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Complete Details of Bridge Rectifiers Devices, ब्रिज रेक्टीफायर्स का पूरा विवरण

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bridge rectifiers devices हेलो दोस्तों - आपने पिछले लेसन में सिखा डायोड की छमता, उसका इस्तेमाल किस प्रकार से होगा, हाफ वेव रेक्टिफायर ,फुल वेव रेक्टिफायर सर्किट, एवं डायोड के नंबरिंग सिस्टम को समझा आपने अब आपकों पता है की ac current को dc current कैसे बनाना है- ac को dc में क्यों बदला जा रहा है. आप ऊपर दिए हुए चित्र में देख सकते ह इलेक्ट्रॉनिक्स के बहुत सारे कंपोनेंट्स नजर आ रहे हैं जिनके अंदर कुछ कंपोनेंट्स एसी करंट पर चलने वाले हैं. तो कुछ dc करेंट पर चलने वाले है, चूँकि इन्ही कंपोनेंट्स की मदद से कोई आविष्कार किया जा सकता है. इसलिए ac को dc में बदलने की आवश्यक्ता पड़ती है. इसलिए डायोड का आविष्कार किया गया है.  हालांकि इलेक्ट्रॉनिक्स के अंदर सभी कंपोनेंट्स एक शब्द की भांति है इसलिए यह किसी सीमा में बाध्य नहीं होता है कि सिर्फ और सिर्फ एसी करेंट से डीसी करंट बनाने के लिए ही काम करेगा इसके अनंत लाभ उठाए जा सकते हैं जिस प्रकार से एक शब्द होता है जिसका अलग-अलग प्रकार से इस्तेमाल करके अलग-अलग वाक्य बनाया जा सकता है ठीक उसी प्रकार से इलेक्ट्रॉनिक्स के अंदर कंपोनेंट्स भी होते हैं जिनका लाभ अ

what is smps, SMPS क्या है ?

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 S.M.P.S. का फुल फार्म होता है स्विच मोड पावर सप्लाई। आज के समय में SMPS सप्लाई का इस्तेमाल लगभग सभी डिवाइसों में करने की कोशिश की जा रही है जैसे कि आप नीचे दिए हुए चित्र में देख सकते हैं। अब ऐसा क्यों है क्योंकि एसएमपीएस के अंदर आपको बहुत सारी सुविधाएं मिल जाती है जैसे- यह एक साधारण ट्रांसफार्मर के मुकाबले वजन के हिसाब से काफी हल्का होता है। इसे आवश्यकता के अनुसार रूप भी  दिया जा सकता है इसकी ऊंचाई भी काफी कम हो सकती है आवश्यकता के अनुसार। यह फ्लकचुएशन AC वोल्टेज में भी एक स्थाई आउटपुट  वोल्टेज प्रदान करता है। यह काफी कम AC करेंट पर भी पूरी तरह से काम करने में सक्षम होता है। इसमें आवश्यकता के अनुसार बहुत सारे आउट पुट मिल जाते है  फिक्स वोल्टेज के रूप में।  इस एसएमपीएस के अंदर भी एक ट्रांसफार्मर का इस्तेमाल किया गया रहता है जो कि एसएम ट्रांसफार्मर होता है। यह साइज में बहुत ही छोटा होता है यह ट्रांसफॉर्मर सर्किट की मदद से चालू होता है इसलिए यह स्विच मोड पावर सप्लाई कहलाता है। जो आपका मोबाइल चार्जर होता है वह भी एक स्विच मोड पावर सप्लाई ही है।आपके लैपटॉप का चार्ज़र भी स्विच मोड पावर सप्ला

business idea for electronics technician, इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्निशियन के लिए बिजनेस आइडिया

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 दोस्तों अगर आप इलेक्ट्रॉनिक के क्षेत्र में एक बेहतरीन टेक्नीशियन हैं और आपके पास पैसे नहीं है की मै एक रिपेयरिंग शॉप खोल सकू, और आप चाहते हैं कि मैं बिना रिपेयरिंग शॉप खोले बगैर पैसे कैसे कमा सकता हु तो यह आर्टिकल आपके लिए है. मैं इस आर्टिकल में आपको कुछ ऐसे तरीके बताऊंगा, जिसको अपना कर आप अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं, और यह तरीका सभी टेक्नीशियन पर भी लागू होता है. अगर आपके पास दुकान है तब भी और नहीं है तब भी यह सभी लोगों के लिए काम करेगा- दोस्तों इस तरीके का लाभ उठाने के लिए आपको इलेक्ट्रॉनिक का काम आना चाहिए, आप के पास जितना ज्यादा ज्ञान होगा आप उतना ही ज्यादा मुनाफा कमाएंगे, आप इलेक्ट्रॉनिक के फील्ड में मल्टीपल काम करते होंगे या करने आता है तो आप इतना ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं की एक रिपेयरिंग शॉप भी फीका पड़ सकता है।  अब आपको काम क्या क्या आना चाहिए जैसे कलर टीवी रिपेयरिंग, DTH रिपेयरिंग एवं फिटिंग इनवर्टर, स्टेब्लाइज़र जैसे उपकरण की मरम्मत करने आपको आना चाहिए अगर आप एलसीडी, LED का भी ज्ञान रखते है तो सोने पर सुहागा हो जायेगा, आप इन उपकरड़ो को मरम्मत करने में माहिर है तो आपको पैसे

you will become wiser, समझदार हो जाओगे

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चार मोंग्स ने 2 सप्ताह तक बिना कुछ बोले चुपचाप ध्यान करने का निश्चय किया, उन्होंने अपने इस अभ्यास के प्रतीक के रूप में एक मोमबत्ती जलाई जो कि उन्हें हर वक्त याद दिलाती रहेगी उन्हें बिना कुछ बोले बस ध्यान करना है. इसके बाद उन मोंग्स ने ध्यान करना शुरू किया, पहले दिन की रात होते-होते मोमबत्ती टीम टीमाई  और फिर बुझ गई. यह देखते ही पहले मोंग्स ने कहा अरे नहीं यह मोमबत्ती तो बुझ गई दूसरे मोंग्स ने कहा हमें बात नहीं करनी चाहिए,  हमने कुछ भी ना बोलने की कसम खाई थी, तीसरे मोंग्स कहा तुम दोनों को बोलने की क्या जरूरत थी, चौथा मोंग्स हँसा और बोला हा हा हा मैं अकेला हूं जिसने बात नहीं की बात नहीं की, दोस्तों उन सभी के बोलने की अपने अलग-अलग कारण थे लेकिन चारों में से प्रत्येक ने बिना कुछ सोचे तुरंत ही अपने विचार रख दिए उनमें से किसी ने स्थिति को सुधारने का प्रयास नहीं किया, उसी आश्रम में उन चारों के अलावा एक बूढ़ा बुद्धिमान मोंग्स भी था,वह बिना कुछ बोले और उनकी तरफ ध्यान दिए बिना ही चुपचाप ध्यान करता रहा इस तरह से उसने बिना एक शब्द बोले उन चारों को ही उनकी गलती का एहसास करा दिया जो कि वह चारों बोल

secret of success, सफलता का रहस्य

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 गर्मी की छुट्टियों में दादाजी के पास गांव घूमने आया बालक उछलते कूदते दादाजी के पास पहुंचा और बड़े गर्व से बोला दादा जी जब मैं बड़ा हो जाऊंगा ना तब मैं एक बहुत सफल आदमी बनूंगा क्या आप मुझे सफल होने के कुछ उपाय बता सकते हैं. दादाजी ने हां में सिर हिला दिया और बिना कुछ कहे लड़के का हाथ पकड़ा और उसे करीब की पौधशाला ले गये, वहां जाकर दादा जी ने दो छोटे-छोटे पौधे खरीदे और घर वापस आ गए, वापस लौटकर उन्होंने एक पौधा घर के बाहर लगा दिया और एक पौधा गमले में लगाकर घर के अंदर रख दिया, क्या लगता है तुम्हें इन दोनों में से भविष्य में कौन सा पौधा अधिक सफल होगा दादाजी ने लड़के से पूछा, लड़का कुछ देर तक सोचता रहा और फिर बोला घर के अंदर वाला पौधा ज्यादा सफल होगा क्योंकि वह हर एक खतरे से सुरक्षित है. जबकि बाहर वाले पौधे को तेज आंधी पानी और जानवरों से भी खतरा है दादा जी बोले चलो देखते हैं. आगे क्या होता है और दादा जी अखबार उठा कर पढ़ने लगे, दादा जी दोनों पौधों पर एक समान ध्यान देते रहे और समय बीतता गया,  तीन चार साल बाद एक बार फिर लड़का अपने माता-पिता के साथ गांव घूमने आया और उसने अपने दादाजी को देखा तो दे

right way of thinking, सोचने का सही तरीका

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एक समय की बात है एक राज्य में एक राजा राज्य करता था उसकी केवल एक आंख थी और एक पैर था, इन कमजोरियों के बाद ही वह एक कुशल दयालु और बुद्धिमान शासक था, उसके शासन में प्रजा बहुत खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही थी, एक दिन राजा अपने महल के गलियारे में टहल रहा था तभी अचानक उसकी नजर गलियारे की दीवारों पर लगे चित्रों पर पड़ी वे चित्र उसके पूर्वजों की थी, उन चित्रों को देख राजा के मन में विचार आया कि भविष्य में जब उसके उत्तराधिकारी  महल के उस गलियारों में से गुजरेंगे तो उन चित्रों को देख अपने पूर्वजों को स्मरण करेंगे, राजा का चित्र अब तक उस दिवार पर नहीं लगा था, अपनी शारीरिक अक्षमताओं के कारण वह नहीं जानता था कि उसका चित्र कैसा दिखेगा लेकिन उस दिन उसने सोचा कि उसे भी अपना चित्र उस दीवार पर लगवाना चाहिए, अगले दिन उसने अपने राज्य के श्रेष्ठ चित्रकारों को दरबार में आमंत्रित किया, दरबार में उसने घोषणा की कि वह महल में लगवाने के लिए अपना सुंदर चित्र बनाना चाहता है. जो उसका सुंदर चित्र बना सकता है वह चित्रकार आगे आए चित्र जैसा बनेगा वैसा ही उस चित्रकार को इनाम दिया जाएगा, दरबार में उपस्थित चित्रकार अपनी कला

never deviate from your goal, अपने लक्ष्य से कभी विचलित नही होंगे

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एक युवक अपने गुरु के पास वर्षों तक रहा लेकिन गुरु ने उसे कभी कुछ करने के लिए नहीं कहा, शिष्य बार-बार पूछता रहता कि मुझे कुछ कहे कुछ आदेश दे मैं क्या करूं, लेकिन गुरु हमेशा यही कहते मुझे देखो मैं जो करता हूं वैसा करो मैं जो नहीं करता वह मत करो इसे ही अपनी सीख समझो, लेकिन उसने कहा इससे मेरे कुछ समझ में नहीं आता मुझे कहीं और भेज दे, जेन परंपरा में ऐसा होता है कि अगर शिष्य मांग करता है कि उसे ज्ञान की प्राप्ति के लिए कहीं और भेजे तो गुरु को ऐसा करना पड़ता है. तो गुरु ने कहा ठीक है यहां से कुछ मील दूर एक सराय है वहां जाकर तू 24 घंटे ठहर है. वह सराय का मालिक तुझे बहुत कुछ सिखा देगा, उस शिष्य ने अपने गुरु को प्रणाम किया और वहां से चल पड़ा, रास्ते भर वो यह सोचता रहा कि जब इतने बड़े गुरु के पास आकर ज्ञान प्राप्त नहीं हुआ तो भला वह सराय का मालिक मुझे क्या सिखा देगा आखिर है तो धर्मशाला का रखवाला ही ना, वह बस बेमन से चला जा रहा था वह जब उस सराय के पास पहुंचा तो उस सराय के मालिक की शक्ल सूरत देखकर उसका दिमाग खराब हो गया उसने सोचा कि भला यह मुझे क्या सिखाएगा लेकिन क्या 24 घंटे तो रुकना ही था, गुरु क

fill as you do, जैसा करोगे वैसा ही भरोगे

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एक दिन एक जेन मठ में सभी शिष्य अपने गुरु के चारों ओर इकट्ठा हुए, गुरु बोले मैं जो कहानी सुना रहा हूं उसे पूरे ध्यान से सुनो फिर उन्होंने कहना शुरू किया, एक बार बुध अपनी आंख बंद किए हुए बैठे थे, तभी उन्हें किसी की आवाज सुनाई दी बचाओ बचाओ उन्हें समझ आ गया कि यह आवाज किसी मनुष्य की थी, जो नर्क के किसी गड्ढे में था और पीड़ा भोग रहा था, बुद्ध को यही समझ में आया कि उसे यह दंड इसलिए दिया जा रहा था क्योंकि जब वह जिंदा था तब उसने बहुत सी हत्याएं और चोरिया की थी, उन्हें सहानुभूति का अहसास हुआ और वह उसकी मदद करना चाहते थे उन्होंने यह देखने का प्रयास किया कि क्या उस व्यक्ति ने अपने जीवित अवस्था में कोई अच्छा काम किया था, उन्हें पता लगा कि उसने एक बार सड़क पर चलते हुए उसने इस बात का ध्यान रखा था कि एक मकड़ी पर उसका पैर न पड़ जाए तो बुद्ध ने उस मकड़ी से उस व्यक्ति की मदद करने के लिए कहा, मकड़ी ने एक लंबा मजबूत धागा नर्क के उस गड्ढे में भेजा जिससे वह अपनी जाला बुनती है. वह व्यक्ति उस धागे को पकड़ कर ऊपर चढ़ने लगा तब बाकी के लोग भी वहां यातना भोग रहे थे उसी धागे को पकड़ कर ऊपर चढ़ने लगे तो उस व्यक्ति

who is the best person, श्रेष्ठ व्यक्ति कौन है ?

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बहुत पुरानी बात है गौतम बुध एक शहर में ठहरे हुए थे, उनके कुछ शिष्य भी उनके साथ थे, उनके शिष्य एक दिन शहर में घूमने निकले तो उस शहर के लोगों ने उन्हें बहुत बुरा भला कहा, शिष्यों को बहुत बुरा भला लगा और वह वापस लौट आए, गौतम बुध ने जब देखा कि उनके सभी शिष्य बहुत क्रोध में दिख रहे हैं तो उन्होंने पूछा क्या बात है आप सभी इतने गुस्से में क्यों हैं। तभी एक शिष्य क्रोध में बोला हमें यहां से तुरंत प्रस्थान करना चाहिए-  जब हम बाहर शहर में घूमने गए तो यहां के लोगों ने बिना वजय हमें बहुत बुरा भला कहा, जहा हमारा सम्मान न हो वहां हमें एक पल भी नहीं रुकना चाहिए, यहां के लोग तो दुर्व्यवहार के सिवा कुछ जानते ही नहीं गौतम बुद्ध ने मुस्कुराते हुए कहा क्या किसी और जगह तुम सत व्यवहार की अपेक्षा रखते हो दूसरा शिष्य बोला इस शहर से तो अच्छे ही लोग होंगे तब गौतम बुद्ध बोले, किसी जगह को सिर्फ इसलिए छोड़ देना गलत होगा कि वहां के लोग दुर्व्यवहार करते हैं- वैसे भी हम तो संत हैं हमें तो कुछ ऐसा करना चाहिए कि जिस स्थान पर भी जाएं उस स्थान को तब तक ना छोड़े, जब तक कि अपनी अच्छाइयों से वहां के लोगों को बदल न दें, हम ज

everyone will listen to you,,सब आपकी बात मानेंगे

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शहर की पुरानी बस्ती में ताले की एक दुकान थी, उस दुकान में ढेर सारे ताले चाबी थे, लोग वहा ताले खरीदने आते, कभी कभी मुख्य चाबी गुम जाने पर डुबलीकेट चाबी बनवाने आते, उसी दुकान के कोने में एक हथोड़ा भी पड़ा  हुआ था जो ताला तोड़ने के काम आता था, लेकिन उसका प्रयोग कभी कभार ही होता था, कोने में पड़े पड़े हथोड़ा अक्सर सोचा करता मैं इतना मजबूत हूं इतना बलशाली हूं इसके बाद भी इतने प्रयास झेलता हूं  तब जाके ताले को खोल पाता हूं. लेकिन चाबी इतनी छोटी होने के बावजूद किसी भी ताले को बड़ी ही आसानी से खोल लेती है. ऐसा क्या है इस छोटी सी चाबी में, एक दिन जब दुकान बंद हुई तो उससे रहा न गया उसने चाबी से पूछ ही लिया चाबी बहन, मैं बहुत दिनों से एक बात सोच रहा था किंतु बहुत सोचने के बाद भी मैं किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया, क्या तुम मेरे एक सवाल का जवाब देकर मुझे मेरे निष्कर्ष तक पहुंचने में मेरी मदद कर सकती हो, पूछो भाई बन पड़ा तो तुम्हारे सवाल का जवाब मैं अवश्य दूंगी चाबी नम्रता से बोली, बहन तुम में ऐसी क्या खास बात है कि तुम इतनी छोटी होने के बावजूद हर प्रकार के ताले चाहे वह कितना मजबूत और जिद्दी क्यों

will stop bragging, घमंड करना छोड़ देंगे

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एक समय की बात है एक गांव में एक मूर्तिकार रहता था, मूर्तिकला के प्रति अत्यधिक प्रेम के कारण उसने अपना संपूर्ण जीवन मूर्ति कला को समर्पित कर दिया, परिणाम स्वरूप वह मूर्ति कला में पारंगत हो गया, और उसकी बनाई हर मूर्ति जीवंत प्रतीत होती थी, उसकी बनाई मूर्तियों को देखने वाला हर इंसान उसकी प्रसंसा किए बिना न रह पाता, उसके गांव में ही नहीं बल्कि उसकी कला के चर्चे दूर-दूर के नगर और गांवो में भी होने लगे थे, फिर जैसा कि सफलता पाने के बाद हर इंसान के साथ होता है.वैसे ही मूर्तिकार के साथ भी हुआ, उसके भीतर भी अहंकार की भावना जागृत हो गई. वह स्वयं को सर्वश्रेष्ठ मूर्तिकार मांगने लगा, जब उम्र बढ़ने के साथ उसका अंत समय निकट आने लगा तो वह मृत्यु से बचने की युक्ति सोचने लगा, वह किसी भी तरह स्वयं को यमदूत की दृष्टि से अपने आप को बचाना चाहता था ताकि वह उसके प्राण न और सके. अंततः उसे एक युक्ति सूझ ही गयी उसने अपनी बेमिसाल कला का प्रदर्शन करते हुए 10 मूर्तियों का निर्माण किया, वह सभी मूर्तियां देखने में हुबहू एक समान उसके जैसे ही थी, निर्मित होने के पश्चात सभी मूर्तियां इतनी जीवंत प्रतीत होने लगी की मूर्त

you will stop being angry, आप गुस्सा करना छोड़ देंगे

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एक बार की बात है गौतम बुद्ध एक पेड़ के नीचे अपने शिष्यों के साथ बैठे हुए थे तभी उनके एक शिष्य ने पूछा- "तथागत" हम अपने गुस्से को बस में कैसे कर सकते हैं। गौतम बुद्ध ने कहा इसके लिए मैं तुम्हें एक कहानी सुनाता हूं इस कहानी को सुनने के बाद तूम अपने क्रोध को बस में करना सीख जाओगे इसके बाद गौतम बुध अपनी कहानी शुरू करते है।  एक गांव में एक झगड़ालू औरत रहा करती थी, अक्सर वह छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो जाती और गुस्से में किसी को भी गालियां दे दी थी और भला बुरा सुना देती लेकिन जब कुछ समय पश्चात उसका गुस्सा उतरता तो उसे अपने किए हुए पर बहुत पछतावा होता, उसके परिवार के सभी सदस्य उसके इस गुस्सैल स्वभाव से बहुत परेशान रहते थे,  उस घर में हमेशा ही एक लड़ाई और अशांति का माहौल बना रहता था उस औरत के क्रोधी स्वभाव के कारण उसके पड़ोसी भी उसे पसंद नहीं करते थे और इस बात की समझ उस औरत को भी थी, कि उसके गुस्सैल स्वभाव के कारण उसे कोई पसंद नहीं करता लेकिन चाह कर भी गुस्सा आने पर वह अपने आपको अपशब्द बोलने से रोक नहीं पाती एक दिन एक साधू उस स्त्री के दरवाजे पर भीक्षा मांगने आते है. साधु को भिक्षा द

How do you stop greed? लालच करना छोड़ दोगे

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  एक बार की बात है नंदग्राम नाम की जगह पर दो व्यापारी रहा करते थे। वे मटके मिट्टी से बने बर्तन और एलमुनियम व कॉपर से बने सस्ते आभूषण बेचा करते थे। एक बार उन दोनों ने सारे शहर को दो हिस्सों में बांट लिया और यह निर्णय लिया कि दोनों व्यापारी अपने अपने इलाके में अपना सामान बेचने जाएंगे, लेकिन वह इस बात पर भी सहमत हो गए की जब एक व्यापारी अपने इलाके से सामान बेचकर जा चुका होगा तब दूसरा व्यापारी उसके इलाके में जाकर अपना सामान बेच सकता था।  एक दिन जब उसमें से एक व्यापारी अपने इलाके में सामान बेच रहा था तब एक गरीब छोटी बच्ची ने उसे देखा।  वह अपनी बूढ़ी दादी मां से तांबे का एक कंगन खरीदने की जिद्द करने लगी। उसके दादी ने कहा हम गरीब लोग हैं हम कंगन कैसे खरीद सकते हैं। तब उस बच्ची ने कहा हमारे पास पैसे नहीं है तो क्या हुआ हम उस व्यापारी को हमारी पुरानी पड़ी हुई काली वाली बर्तन की थाली दे सकते हैं और वैसे भी वह थाली सालों से रसोई घर में ऐसे ही पङी हुई है हमारे किसी काम की भी नहीं है।  बूढ़ी दादी बच्चे की बात से सहमत हो गई और उसने एक बार प्रयास करने का सोचा इसलिए उन दोनों ने उस व्यापारी को अपने घर के

Why was the transformer invented?। ट्रांसफार्मर का आविष्कार क्यों किया गया था?

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  क्या आपको पता है कि ट्रांसफार्मर का आविष्कार क्यों किया गया था ? दोस्तों सबसे पहले तो मैं यह बताना चाहूंगा कि दुनिया का कोई ऐसा अविष्कार नहीं है जो एसी करंट पर चलता है। तो उस डिवाइस के अंदर पावर सप्लाई के लिए ट्रांसफार्मर का इस्तेमाल नहीं किया गया हो। अब ट्रांसफार्मर किसी भी प्रकार का हो सकता है चाहे स्विच मोड पावर सप्लाई का ट्रांसफार्मर हो या फिर एक नॉर्मल ट्रांसफार्मर।     अब इस बात को समझने के लिए कि ट्रांसफार्मर का आविष्कार क्यों किया गया है इससे पहले आपको यह समझना पड़ेगा कि ट्रांसफार्मर है क्या। आप ट्रांसफार्मर के बारे में भले ही जानते होंगे लेकिन उसके अविष्कार होने के कारण को नहीं जानते हैं तो चलिए सबसे पहले देखते हैं कि ट्रांसफार्मर है क्या ? ट्रांसफार्मर क्या है? ट्रांसफार्मर एक ऐसा उपकरण है जिसकी मदद से आने वाले AC करेंट के सम्पर्क में जुड़े बगैर AC करेंट कम या ज्यादा प्राप्त किया जा सकता है। जैसा की आप निचे दिए हुए चित्र में देख सकते है।    जैसा की आप देख सकते है। ट्रांसफार्मर के अंदर तीन भाग है। [ 1 ] प्राइमरी coil [ 2 ]  आयरन कोर [ 3 ] सेकेंड्री coil ट्रांसफार्मर के अंद

Full details of the resistance in one lesson । एक पाठ में प्रतिरोध का पूरा विवरण

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 रेजिस्टेंस क्या है? resistor ( रेजिस्टेंस ) इलेक्ट्रॉनिक्स का वह पुर्जा है जो बिद्दुत के मार्ग में अवरोध पैदा करता है.या किसी भी प्रकार के कर्रेंट के मार्ग में ब्रेक लगाने का काम करता है. इलेक्ट्रॉनिक्स को  रेजिस्टेंस की आवश्यक्ता क्यों है ?   Electronics मानव जीवन पर आधारित है। और Electronics में इस्तेमाल होने वाले Components मानव शरीर के अंग की तरह है। अब मानव शरीर जिस प्रकार से काम करने के दौरान किसी सीमा में बधा होता है जैसे उसे कहा पर रुकना है कहा पर चलना है। हमारे शरीर के अंदर की दुनिया हो या फिर शरीर से होने वाले कोई कर्म जो बाहर की दुनिया में हो तो हमें कहा पर किस प्रकार से नियंत्रण करना है। वो सारी प्रक्रिया कही न कही एक प्रकार के अवरोध बल के कारण ही सम्भव हो पाता है।  जैसे कहा पर ब्रेक लगाना, अगर हम बोलते है तो कही न कही एक प्रकार के अवरोध बल के कारण ही एक आवाज का आविष्कार होता है। जैसे हमारे गले से से निकलने वाली हवा को जीभ के द्वारा एक प्रकार का अवरोध बल नहीं लगाते तो आवाज का आविष्कार नहीं होता। अगर हम पैरो में ब्रेक नहीं लगाते तो शायद हमारे लिए अच्छा नहीं होता। कुल मिलाकर